अंबिकापुर. सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं ने सोमवार को प्रशासन के सामने अपनी शिकायतें रखने के लिए असामान्य कदम उठाया। करीब 45 छात्राएं स्कूल से लगभग 30 किलोमीटर दूर अंबिकापुर कलेक्ट्रेट के लिए पैदल निकल पड़ीं। करीब 6 किलोमीटर चलने के बाद प्रशासन को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद छात्राओं को बस से कलेक्ट्रेट पहुंचाया गया।
कलेक्ट्रेट पहुंचीं छात्राओं ने कलेक्टर अजीत वसंत के सामने स्कूल और हॉस्टल से जुड़ी समस्याएं रखीं। छात्राओं का कहना था कि हॉस्टल में लंबे समय से बिजली की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा मेस की साफ-सफाई और भोजन व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने शिकायत की।
छात्राओं ने यह भी बताया कि फिजिक्स और केमिस्ट्री की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, क्योंकि इन विषयों के शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर समस्या है। प्रशासन के समक्ष छात्राओं ने इन व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग रखी।
पहले शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप
छात्राओं का कहना है कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन के सामने पहले भी अपनी समस्याएं रखी थीं। शिकायतों के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्होंने सीधे जिला प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का फैसला किया।
प्रशासन को छात्राओं के पैदल निकलने की जानकारी मिलने के बाद आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। छात्राएं हालांकि कलेक्टर से सीधे मुलाकात करने की मांग पर कायम रहीं।
एक छात्रा की तबीयत बिगड़ी
कलेक्ट्रेट पहुंचने के दौरान बातचीत के बीच एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर गई। तत्काल उसे एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार कराया गया।
‘किसी के बहकावे में नहीं आए’—छात्राओं का पक्ष
मामले के दौरान कुछ शिक्षकों की ओर से छात्राओं के किसी के बहकावे में आने की बात कही गई। हालांकि छात्राओं ने इससे इनकार करते हुए कहा कि वे अपनी समस्याओं को लेकर स्वयं प्रशासन के पास पहुंची हैं और किसी के दबाव में उन्होंने यह कदम नहीं उठाया।
कलेक्टर ने दिए तत्काल सुधार के निर्देश
कलेक्टर अजीत वसंत ने छात्राओं की शिकायतें सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने, शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने और मेस की साफ-सफाई सुधारने पर जोर दिया गया।
स्कूल की व्यवस्थाओं की जांच के लिए कमेटी गठित
छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित किए जाने की जानकारी दी है। कमेटी को विद्यालय की व्यवस्थाओं और छात्राओं द्वारा उठाई गई शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। जिम्मेदारी तय होने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात भी सामने आई है।सभी छात्रावासों के निरीक्षण के निर्देश
इस घटना के बाद प्रशासन ने जिले के अन्य छात्रावासों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा शुरू की है। संबंधित नोडल अधिकारियों को छात्रावासों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्राओं के इस कदम ने आवासीय विद्यालयों में बिजली, शिक्षकों, भोजन और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की नियमित निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।









