चक्रधर समारोह : कथक के पारंपरिक रंगों में सजी जयात्रा दवे की प्रस्तुति

रायगढ़.  41वें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह-2026 की सांस्कृतिक संध्या में इंदौर की युवा कथक नृत्यांगना जयात्रा दवे ने कथक की शानदार प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति में कथक की पारंपरिक शैली के साथ लय, ताल, भाव-भंगिमा और पद-संचालन का सुंदर मेल देखने को मिला। प्रस्तुति के बाद दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। जयात्रा दवे ने महज ढाई वर्ष की उम्र से नृत्य-साधना शुरू की थी। वे गुरु डॉ. रागिनी मक्कड़ के मार्गदर्शन में नादयोग गुरुकुल में कथक का प्रशिक्षण ले रही हैं। कम उम्र में ही उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मंचों पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत की है। जयात्रा दवे स्वीडन के माल्मो में आयोजित इंटरनेशनल म्यूज़िक कॉन्फ्रेंस तथा 12वें चाइना इंटरनेशनल फोक आर्ट्स फेस्टिवल में प्रस्तुति दे चुकी हैं। वे दादासाहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित मंच से भी जुड़ी रही हैं। उनकी कला-साधना के लिए उन्हें विभिन्न पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए हैं। चक्रधर समारोह के मंच पर जयात्रा दवे की प्रस्तुति ने कथक की पारंपरिक नृत्य शैली को दर्शकों के सामने सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया।

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