पिकअप में क्रूरतापूर्वक भरे मिले गौवंश, एक आरोपी गिरफ्तार, 11.04 लाख की जप्ती
रायगढ़. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले में मवेशियों की अवैध तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने एवं गौवंश के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत लैलूंगा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिकअप वाहन से की जा रही गौवंश की तस्करी को विफल कर 13 गौवंशों को मुक्त कराया है। पुलिस ने मौके से तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन समेत कुल 11 लाख 04 हजार की संपत्ति जप्त करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, दिनांक 28 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव को मुखबिर से सूचना मिली कि एक सफेद रंग के पिकअप वाहन में ऊपर से काला पन्नी ढककर मवेशियों को ठूंस-ठूंसकर एवं क्रूरतापूर्वक भरकर झारखंड/उड़ीसा की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए लैलूंगा पुलिस ने गवाहों के साथ ग्राम कुंजारा मेन रोड पर घेराबंदी की। दोपहर करीब 12:30 बजे घरघोड़ा की ओर से सफेद रंग का पिकअप वाहन क्रमांक T 0826 JH 4846 आते दिखाई दिया, जिसे पुलिस टीम ने रोककर जांच की।
वाहन की तलाशी लेने पर उसमें कुल 13 गौवंश—04 गाय, 08 बछिया एवं 01 बछुवा बंधे हुए और क्रूरतापूर्वक भरे मिले। वाहन चालक इमरान खान पिता मुस्तकीम खान, उम्र 29 वर्ष, निवासी केराडिह, थाना नारायणपुर, जिला जशपुर (छत्तीसगढ़) से मवेशियों के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे जाने पर वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में आरोपी द्वारा मवेशियों को झारखंड/उड़ीसा की ओर बूचड़खाने ले जाना बताया गया। पुलिस ने पशु क्रूरता पाए जाने पर गवाहों की मौजूदगी में वाहन से सभी 13 गौवंशों को मुक्त कराया। जप्त गौवंशों की अनुमानित कीमत ₹1,04,000 तथा तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन की कीमत करीब ₹10,00,000, इस प्रकार कुल ₹11,04,000 की संपत्ति जप्त की गई। आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 305/2026, धारा 4, 6, 10, 11 छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं तस्करों से मुक्त कराये गये गौवंशों को ग्राम झरन के गौशाला में चारा पानी के साथ सुरक्षित रखवाया गया है ।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश : -“ऑपरेशन शंखनाद के तहत जिले में गौवंश की अवैध तस्करी एवं पशु क्रूरता के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अवैध रूप से मवेशियों का परिवहन करने वालों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।








