रात में जंगल से निकलकर खेतों में पहुंच रहे, दो वन मंडलों में 130 हाथियों की मौजूदगी
रायगढ़. जिला में हाथियों का दल लगातार रात होने के बाद खेतों तक पहुंच रहा है। जहां जिले के दोनों वन मंडल में अलग-अलग क्षेत्रों में हाथियों के दल ने 16 किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। हाथियों ने कहीं धान की खड़ी फसल को रौंद दिया। घटना के बाद वन विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आंकलन कर आगे की प्रक्रिया में जूट गई है। मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ वन मंडल के तमनार रेंज के सामारूमा गांव में हाथियों ने 5 किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं घरघोड़ा रेंज के कमतरा में एक किसान की धान की फसल बर्बाद हो गई। हाथियों के खेतों में पहुंचने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इसी तरह धरमजयगढ़ वन मंडल के नलकालो क्षेत्र में कुसुम और श्रवण कुमार की फसल को हाथियों ने नुकसान पहुंचाया। प्रेमनगर और मेढरमार क्षेत्र में भी हाथियों के दल ने विजय राय, चैतराम, रत्थूलाल और दिलीप की धान की फसल को रौंद दिया। इसके अलावा लैलूंगा और गमेकेला क्षेत्र में प्रशांत भगत, खेमचंद, मूसतराम और लालोनी शर्मा की धान की फसल को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है।
[video width="848" height="478" mp4="https://pitaranews.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Video-2026-09-28-at-8.26.52-PM.mp4"][/video]
गांवों में कराई जा रही मुनादी
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हाथियों के दल पर वन विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर लोगों से अकेले जंगल की ओर नहीं जाने की अपील की जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने को कहा जा रहा है। खासकर शाम और रात के समय जंगल एवं हाथी प्रभावित इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है, ताकि हाथियों से टकराव की स्थिति न बने और किसी प्रकार की जनहानि की घटना को रोका जा सके।
दो वन मंडलों में 130 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के रिकार्ड के अनुसार जिले के रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में वर्तमान में करीब 130 हाथी मौजूद हैं। इनमें 39 नर, 62 मादा और 29 शावक शामिल हैं। हाथियों के इतने बड़े दल की मौजूदगी से वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है। हांलाकि हाथी मित्रदल व ट्रेकर इनकी निगरानी कर रहे हैं।