रायगढ़. प्रतिष्ठित चक्रधर समारोह के दूसरे दिन रायपुर की बाल कथक नृत्यांगना अनुष्का सुल्तानिया ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति, लयबद्ध पदचाप और आकर्षक नृत्याभिव्यक्ति से दर्शकों का मन मोह लिया। कम उम्र से ही कथक की साधना कर रहीं अनुष्का ने अपनी प्रतिभा के बल पर कला जगत में विशेष पहचान बनाई है। उन्हें अब तक शास्त्रीय नृत्य एवं कला के क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इनमें नाट्य नर्तक अवार्ड, राधा रानी अवार्ड, पुरी नाट्य धरोहर सम्मान, श्रीहरि निकेतन सम्मान और कुशवाल महोत्सव सम्मान प्रमुख हैं। चक्रधर समारोह के ऐतिहासिक मंच पर अनुष्का की मनमोहक कथक प्रस्तुति को कला प्रेमियों और उपस्थित दर्शकों ने करतल ध्वनि से सराहा।
गीतिका चक्रधर ने कथक की भाव-भंगिमाओं से बांधा समां
41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 की संगीत संध्या में युवा कथक कलाकार गीतिका चक्रधर ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शास्त्रीय नृत्य की भाव-भंगिमाओं, लय और ताल का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करते हुए गीतिका ने चक्रधर समारोह के मंच पर अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया।
गीतिका चक्रधर ने महज 10 वर्ष की उम्र में अपनी गुरु डॉ. संगीता कापसे से शास्त्रीय नृत्य की शिक्षा का सफर शुरू किया। अटूट लगन, अनुशासन और कथक के प्रति गहरे समर्पण के साथ उन्होंने इस विधा में अपनी पहचान बनाई है। हरिद्वार, ओडिशा, बनारस, अयोध्या, महाराष्ट्र, गोंदिया सहित अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर वह अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं। गीतिका ने ताल धमार में ‘शिव चतुरंग’ की प्रस्तुति दी। इसके पश्चात ताल तीनताल में कृष्ण पर आधारित ठुमरी ‘छोड़ो-छोड़ो’ को भावपूर्ण कथक शैली में प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति में कथक की नजाकत, भाव और लयकारी का सुंदर संगम देखने को मिला। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से युवा कलाकार का उत्साहवर्धन किया।