शेयर मार्केट में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर महिलाओं से 70.77 लाख की ठगी, पुलिस ने आरोपी महिला को किया गिरफ्तार

घर-घर पहुंचकर महिलाओं को दिया मोटे मुनाफे का लालच, तीन बैंक खाते, एटीएम कार्ड और मोबाइल जब्त; पति और मां की भूमिका भी सामने आई

रायगढ़. एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर शेयर मार्केट में पैसा निवेश कर कम समय में मोटा मुनाफा कमाने और रकम दोगुनी करने का लालच देकर ग्रामीण महिलाओं से करीब 70 लाख 77 हजार 901 रुपये की ठगी करने के मामले में रायगढ़ पुलिस की साइबर थाना टीम ने एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान मेनका सारथी पति अक्षय सारथी, उम्र 37 वर्ष, निवासी ग्राम बरतुंगा, थाना डभरा, जिला सक्ती के रूप में हुई है। मामले की जांच में आरोपी महिला के पति अक्षय सारथी और उसकी मां मीरा सोनवानी की भूमिका भी सामने आई है, जिनकी गिरफ्तारी अभी शेष है। इसके अलावा अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के संबंध में भी पुलिस को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जिस पर विवेचना जारी है। जानकारी के अनुसार थाना पुसौर क्षेत्र के ग्राम जतरी निवासी महिला हारा बाई निषाद (36 साल) के साथ गांव की अन्य महिलाओं ने पुलिस को बताया कि ग्राम जतरी की रहने वाली मेनका सारथी, जिसका विवाह ग्राम बरतुंगा जिला सक्ती निवासी अक्षय सारथी से हुआ है, जब भी अपने मायके आती थी तो महिलाओं को बताती थी कि वह और उसका पति शेयर मार्केट में पैसा निवेश कर अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं। मेनका सारथी ने गांव की महिलाओं को विश्वास में लेते हुए यह प्रचार करना शुरू कर दिया कि यदि वे उसके बताए अनुसार शेयर मार्केट में पैसा लगाएंगी तो उन्हें कम समय में मोटा मुनाफा मिलेगा और निवेश की गई रकम दोगुनी हो जाएगी। इतना ही नहीं, उसने महिलाओं को यह भरोसा भी दिलाया कि यदि शेयर मार्केट से उनकी रकम दोगुनी नहीं हुई तो वह और उसका पति अपनी गारंटी पर उन्हें दोगुनी रकम वापस दिलाएंगे। आरोपी महिला के झांसे में आकर ग्राम जतरी की कई महिलाओं ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर उसे रकम देना शुरू कर दिया। दिनांक 06 अप्रैल 2025 से 24 अक्टूबर 2025 के मध्य नगद एवं ऑनलाइन माध्यम से राशि प्राप्त की गई। शिकायत के अनुसार हारा बाई निषाद से 17 लाख 53 हजार रुपये, आरती सिदार से 3 लाख रुपये, अनिता निषाद से 17 लाख 24 हजार रुपये, दुजकुंवर यादव से 5 लाख रुपये, सुशीला निषाद से 1 लाख 80 हजार रुपये, मोहनमती सिदार से 3 लाख 30 हजार रुपये, मुन्नी बाई सारथी से 3 लाख 40 हजार रुपये, पुष्पा सिदार से 9 लाख रुपये, फुलबाई यादव से 3 लाख रुपये, विष्णु प्रिया निषाद से 7 लाख 50 हजार रुपये तथा अन्य महिलाओं से भी रकम लेकर कुल 70,77,901 रुपये निवेश के नाम पर प्राप्त किए गए। शुरूवात में मेनका ने कुछ निवेशकों को प्राफिट रकम भी दी और विश्वास में ली फिर लंबे समय तक महिलाओं को न तो निवेश से कोई मुनाफा मिला और न ही उनकी मूल रकम वापस की गई। जब पीड़ित महिलाओं ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो उन्हें जानकारी मिली कि उनके द्वारा दी गई राशि शेयर मार्केट में निवेश करने के बजाय आरोपियों द्वारा निजी उपयोग में ली गई है। आरोपियों द्वारा रकम लौटाने से इनकार किया गया तथा शिकायत करने पर उल्टा उन्हें जेल भिजवाने की धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कुछ पीड़ित महिलाओं ने दूसरे बैंकों से लोन लेकर आरोपी महिला को रकम दी थी और अब वे स्वयं उस लोन की किश्तें चुका रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में प्रकरण की विस्तृत जांच कराई गई। जांच में लाखों रुपये के लेनदेन और धोखाधड़ी के महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने के बाद थाना साइबर में दिनांक 22 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 11/2026, धारा 318(4), 3(5) BNSके तहत मेनका सारथी, उसके पति अक्षय सारथी एवं मीरा सोनवानी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित महिलाओं के बैंक खातों के साथ-साथ आरोपियों के बैंक खातों की विस्तृत जानकारी जुटाई। बैंक खातों की जांच में आरोपी महिला के तीन अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये के लेनदेन का पता चला। बैंक ट्रांजेक्शन, पीड़ितों के बयान एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी महिला की गिरफ्तारी के लिए जिला सक्ती के ग्राम बरतुंगा में दबिश दी और मेनका सारथी को हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया। पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि उसने अपने एक पुरुष मित्र के साथ मिलकर लोगों को शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी करने की योजना बनाई थी। इसके बाद उसने अपने पति अक्षय सारथी और मां मीरा सोनवानी को भी इस काम में शामिल किया। आरोपी का पति महिलाओं को शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा मिलने का लालच देने के साथ-साथ पीड़ितों द्वारा की जा रही रकम के ट्रांजेक्शन की जानकारी रखता था। वहीं आरोपी की मां मीरा सोनवानी भी गांव की महिलाओं को अपनी बेटी के माध्यम से शेयर मार्केट में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करती थी तथा रकम नगद लेने एवं खातों में जमा कराने में सहयोग करती थी। पूछताछ में आरोपी महिला ने यह भी बताया कि ग्रामीण महिलाओं से प्राप्त रकम को अलग-अलग लोगों के बीच रोटेशन में चलाया जा रहा था। कुछ समय तक मुनाफे और मूलधन की राशि लौटाई गई, लेकिन बाद में रकम लौटाना बंद कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी महिला के कब्जे से लेनदेन में प्रयुक्त मोबाइल फोन, तीन बैंक खाते एवं एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। मामले में आरोपी के पति अक्षय सारथी एवं मां मीरा सोनवानी की गिरफ्तारी शेष है। साथ ही पुलिस को अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के भी साक्ष्य मिले हैं, जिनके संबंध में आगे जांच की जा रही है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का जागरूकता संदेश:
"शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर कम समय में दोगुना-तिगुना मुनाफा देने अथवा निश्चित लाभ की गारंटी देने वाले व्यक्तियों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई न लगाएं। किसी भी व्यक्ति या संस्था के माध्यम से निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और वैधता की पूरी जानकारी प्राप्त करें। यदि किसी प्रकार की धोखाधड़ी होती है तो तत्काल पुलिस से संपर्क करें।

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