रायगढ़. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं डीएसपी उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन पर 06 अक्टूबर 2026 को महिला थाना की सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे एवं महिला थाना स्टाफ द्वारा चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला संकुल केंद्र, ग्राम टारपाली में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 70-80 छात्र-छात्राओं, स्कूल के शिक्षकगण तथा ग्राम सरपंच एवं उपसरपंच की उपस्थिति रही। महिला थाना की सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे ने बच्चों से संवाद करते हुए उन्हें बाल सुरक्षा, महिला अपराध, साइबर अपराध, यातायात नियमों तथा आपातकालीन सहायता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।कार्यक्रम में बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में सरल भाषा में समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि उनके शरीर के निजी अंगों को कोई व्यक्ति गलत तरीके से छूने, देखने या छूने के लिए मजबूर करने का प्रयास करे तो यह गलत है। ऐसी स्थिति में डरकर चुप रहने के बजाय तुरंत किसी भरोसेमंद माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए। बच्चों को यह भी समझाया गया कि “ना” कहना उनका अधिकार है और किसी गलत व्यवहार के लिए बच्चे दोषी नहीं होते। किसी भी प्रकार की असहज या संदिग्ध स्थिति को छिपाने के बजाय तुरंत अपने विश्वसनीय बड़े व्यक्ति से साझा करने के लिए प्रेरित किया गया।
“हैलो सिस्टर”, डाॅयल 112 हेल्पलाइन से मिलेगी सहायता
महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़ी सहायता के लिए बच्चों और उपस्थित लोगों को “हैलो सिस्टर हेल्पलाइन नंबर 94792 70533” की जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि यदि वे स्वयं या उनके आसपास कोई महिला अथवा बच्चा किसी परेशानी, उत्पीड़न, छेड़छाड़ या असुरक्षित परिस्थिति का सामना कर रहा हो तो भरोसेमंद व्यक्ति को जानकारी देने के साथ उपलब्ध सहायता माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही आपात स्थिति में डायल 112 के माध्यम से पुलिस सहायता प्राप्त करने की जानकारी भी दी गई।
साइबर अपराधों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए बच्चों को मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के बारे में विशेष रूप से समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, किसी अजनबी के साथ निजी जानकारी, फोटो, वीडियो, स्कूल की जानकारी, पता या पासवर्ड साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए ऐप डाउनलोड करने या OTP एवं पासवर्ड किसी को बताने से बचने की समझाइश दी गई। बच्चों को यह भी बताया गया कि सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की आपत्तिजनक, धमकी भरी या परेशान करने वाली गतिविधि सामने आने पर स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखकर तत्काल माता-पिता, शिक्षक अथवा पुलिस को जानकारी दें।
यातायात नियमों को समझाया
पुलिस टीम ने बच्चों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के संबंध में भी जागरूक किया। सड़क पार करते समय दोनों ओर देखकर सावधानीपूर्वक सड़क पार करने, चलते समय मोबाइल का उपयोग नहीं करने तथा वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व के बारे में बताया गया। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि यातायात नियम केवल चालान से बचने के लिए नहीं बल्कि अपने और दूसरों के जीवन की सुरक्षा के लिए हैं।कार्यक्रम के दौरान महिला अपराधों, बाल अपराधों तथा समाज में बढ़ते अपराधों के प्रति भी बच्चों एवं शिक्षकों को जागरूक किया गया। पुलिस ने बच्चों को समझाया कि किसी भी अपराध की जानकारी होने पर चुप रहना समाधान नहीं है; समय पर सूचना देना अपराध रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बच्चों को पुलिस से डरने के बजाय आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी देकर उन्हें सजग, सुरक्षित और आत्मविश्वासी बनाना रहा।