आंगन मिलन में सेवा, सम्मान और संस्कार का संगम, रायगढ़ के 487 आंगनबाड़ी केंद्रों में 2,908 गतिविधियां, 18,965 लोगों की सहभागिता

रायगढ़. सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम सिर्फ आयोजन नहीं, बल्कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण, जागरूकता और जनभागीदारी को एक साथ जोड़ने का माध्यम बन रहा हैं। जिले में अब तक 487 आंगनबाड़ी केंद्रों में 2,908 गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 18,965 लोगों ने भाग लिया। इनमें 9,834 महिलाएं, 3,158 पुरुष और 6,877 बच्चे शामिल रहे। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मितानिनों के योगदान को सम्मान देते हुए 1,628 का सम्मान किया गया। आंगन मिलन के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की चहल-पहल के साथ माताओं और परिवारों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कहीं गर्भवती महिलाओं की गोद भराई हुई, तो कहीं छह माह पूर्ण कर चुके बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। गर्भवती और शिशुवती महिलाओं की एचबी जांच, पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शन, स्वस्थ बालक-बालिका प्रतियोगिता, कहानी एवं बाल गीत, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और पोषण संबंधी जागरूकता जैसी गतिविधियों ने कार्यक्रम को परिवारों से सीधे जोड़ा।

गोद भराई से एचबी जांच तक, स्वास्थ्य पर फोकस

खरसिया के बोतल्दा-01 आंगनबाड़ी केंद्र में आंगन मिलन के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कर पोषण टोकरी प्रदान की गई। छह माह पूर्ण कर चुके बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया और कम एचबी वाली महिलाओं को आयरनयुक्त आहार तथा आवश्यक दवाओं की जानकारी दी गई। उत्कृष्ट कार्य के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इंद्रावती सारथी, सहायिका शांता कंवर और मितानिन सुमन बाई को सम्मानित किया गया।

बच्चों की प्रतिभा के साथ पोषण का संदेश

बरभौना-2 आंगनबाड़ी केंद्र में फैंसी ड्रेस, पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शन और स्वस्थ बालक-बालिका प्रतियोगिता ने बच्चों और अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाई। आंगनबाड़ी परिसर में वृक्षारोपण किया गया। ‘मेरी कहानी मेरी जुबानी’ के तहत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में सरपंच द्वारा न्योता भोज भी कराया गया। कोसमपाली आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों ने कहानी प्रतियोगिता और बाल गीत में हिस्सा लिया। कार्यकर्ता एवं मितानिनों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना, सुकन्या समृद्धि और नोनी सुरक्षा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के समापन पर आंगनबाड़ी परिसर में मुनगा का पौधा रोपा गया और सभी प्रतिभागियों ने पोषण शपथ ली। कुकरीझरिया आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता, सहायिका और मितानिन का सम्मान किया गया। बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया तथा अतिथियों ने मुनगा का पौधा लगाया। महतारी वंदन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए। इसी तरह जिले के अन्य आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें लोगों की बढ़-चढ़कर भागीदारी देखने को मिल रही है।

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