रायगढ़. एक नाबालिग कोे बहला फुसलाकर युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जिससे नाबालिग गर्भवती हो गई। जब उसने नवजात को जन्म दिया तो मामले का खुलासा हुआ। जिसके बाद जिला बाल संरक्षण इकाई के द्वारा मामले की सूचना थाना में दी गई। ऐसे में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां उसे पाॅक्सो कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन का मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि कार्यालय चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 जिला बाल संरक्षण इकाई रायगढ़ में राजकुमारी पटेल परामर्शदाता के पद पर पदस्थ है उनके द्वारा महिला थाना में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि 20 जनवरी 2025 की दोपहर 3 बजे 1098 में कॉलर में सूचना मिली कि कान्हा हॉस्पीटल रायगढ़ में एक नाबालिक बालिका ने नवजात शिशु बालक को जन्म दिया है। उसके संबंध में जानकारी प्राप्त होने पर विभागीय दो कर्मचारी कान्हा अस्पताल में जाकर पूछताछ करने पर वहां पर उपस्थित युवक शिवा पटनायक 19 साल व पीडिता उम्र 17 साल मिले। जिन्हें टीम के द्वारा 22 जनवरी 2025 को बाल कल्याण समिति रायगढ़ में आवश्यक दस्तावेज के साथ प्रस्तुत होने के लिए कहा गया। पीड़िता बाल कल्याण समिति में 31 जनवरी 2025 को उपस्थित हुई जो पीड़िता पहली काउंसलिंग में ठीक से नहीं बतायी। जिससे 21 मार्च 2025 को उसके द्वारा फिर से काउंसलिंग कराया गया।घर से ले जाकर आरोपी ने दुष्कर्म कियाजिसमें पीड़िता बतायी कि सन 2023 में 19 वर्षीय बालक उसे बहला-फुसलाकर शारीरिक संबंध बनाया। बाद में मई माह में पीड़िता का संपर्क दीपक बोदला उम्र 20 साल निवासी अतरमुड़ा क्षेत्र से हुई। जहां दीपक बुदुला ने बहला-फुसलाकर उसे अपने घर ले गया और वहां रखकर कई बार शारीरिक संबंध बनाया। जिससे पीडिता माह जुलाई 2024 में गर्भवती हो गई।अस्पताल में बालिका ने नवजात को जन्म दियाजिसकी जानकारी बालिका को माह सितंबर 2024 में हुई। पीड़िता स्थानीय एक मंदिर के पास नारियल बेचने का काम कर रही थी, तभी उसकी पहचान शिवा पटनायक 18 साल के द्वारा पीड़िता को प्रेम प्रसंग की बात कहकर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाया। जिसके बाद पीड़िता 19 जनवरी 2025 को एक शिशु बालक को जन्म दी। जिसे ईलाज के लिए कान्हा अस्पताल ले जाया गया।थाना में लिखित शिकायत कर रिपोर्ट दर्ज कराई गईपीड़िता का काउंसलिंग के बाद रिपोर्ट बाल कल्याण समिति रायगढ़ को सौंपा गया और बाल कल्याण समिति के द्वारा नाबालिक पीड़िता के साथ गलत करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज थाना में दी गई। जिसके बाद पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। पुलिस ने प्रकरण के सभी आरोपियों की तलाश शुरू की और आरोपी दीपक बुदुला को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपराध करना स्वीकार किया।शारीरिक संबंध बनाए जाने के साक्ष्य पाए गएइसके बाद आरोपी दीपक बुदुला के खिलाफ पीड़िता के साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाने का साक्ष्य पाये जाने से उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को दी गयी। प्रकरण के फरार नाबालिग व आरोपी शिवा पटनायक का पता तलाश किया गया, लेकिन दोनों का पता नहीं चल पाने से फरार आरोपियों का फरारी पंचनामा तैयार किया गया।आरोपी को अर्थदंड से भी दंडित किया गयाप्रकरण में देवेन्द्र यादव अतिरिक्त सत्र न्यायाधीष एफटीएससी कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए मामले में दीपक बुदुला को दोषसिद्ध पाया। वहीं पीड़िता के बयानों के आधार पर शिवा पटनायक पर दोष सिद्ध नहीं पाए जाने पर उसे दोषमुक्त किया गया। प्रकरण में न्यायालय ने दीपक बुदुला को 20 साल के कारावास की सजा सुनाते हुए 5 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में विषेष लोक अभियोजक गोविंद नारायण दुबे ने पैरवी की।