रायगढ़. जिले में शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित ई-गिरदावरी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा मैदानी स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि निर्धारित प्रक्रिया एवं मानकों का पालन करते हुए मौके पर जाकर फसल की वास्तविक स्थिति का सत्यापन सुनिश्चित करें, ताकि गिरदावरी में किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को सर्वेयरों के कार्यों की नियमित समीक्षा करने, कम से कम एक बार समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा योजनाबद्ध तरीके से आकस्मिक निरीक्षण कर ई-गिरदावरी कार्य का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सर्वे के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि या विसंगति पाए जाने पर तत्काल संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाए। साथ ही शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही पूरा कार्य कराया जाए।कलेक्टर के निर्देशों के अनुपालन में अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा ने रायगढ़ तहसील के ग्राम बेलादुला, बड़े रामपुर और बांजीनपाली पहुंचकर डिजिटल क्रॉप सर्वे का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों के खेतों में चल रहे सर्वे कार्य का मौके पर अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों एवं सर्वेयरों से सर्वे की प्रगति और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने वास्तविक स्थिति के आधार पर फसल की जानकारी दर्ज करने और सर्वे कार्य में पूरी सावधानी एवं पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। मौके पर तहसीलदार रायगढ़ श्री शिव डनसेना और संबंधित अमला मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य 17 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। सर्वेयर मोबाइल एप के माध्यम से खेतों में पहुंचकर मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर फसल संबंधी जानकारी दर्ज कर रहे हैं। सर्वे के दौरान तालाब, मेड़, पड़ती, खलिहान तथा विभिन्न फसलों को चिन्हित करते हुए वास्तविक फसल रकबे का निर्धारण किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा मैदानी निरीक्षण के माध्यम से सर्वे कार्य की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित की जा रही है।